Thursday, March 12, 2009

लोकसभा चुनाव

लोक सभा चुनाव घोषित हो चुके हैं। एक बार फिर तथाकथित नेता जनता के द्वार पर आएंगे। हालांकि नेताओं ने लोकलुभावन बातों का पिटारा खोलना शुरू कर दिया है, पर देखना यह है कि जनता जनार्दन किसको कितना भाव देती है। मैं आप साथियों से पूछना चाहता हूं कि ऐसा क्‍या किया जा सकता है कि हमारे देश में एक स्‍वस्‍थ लोकतंत्र कायम हो सके। एक ऐसा आदर्श लोकतंत्र जिसमें करप्‍शन न हो, जनता का राज वास्‍तव में जनता का ही हो।